थाने में हुआ मामला दर्ज तो, गौ तस्कर ने झूठे मामले में फसाने की दी धमकी
लालबर्रा। आये दिन बालाघाट जिले के अनेकों थाने में गौ तस्करी पर मामले कायम हो रहे हैं, जो एक बड़ा गंभीर विषय है। इतना बड़ा अवैध कारोबार पूरे जिले में फल- फूल रहा है और पुलिस प्रशासन द्वारा नाम मात्र की कार्रवाई कर खानापूर्ति की जाती है, जिससे गौ तस्करों के हौसले बुलंद हैं और आये दिन हिंदूवादी संगठनों के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को गौ तस्करी में लिप्त व्यक्तियों (तस्करों) द्वारा झूठे मामले में फंसाने व मारने की धमकी दी जाती है। जिले में बड़े-बड़े जनप्रतिनिधि नेता हैं क्या इन्हें पता नहीं है कि जिले में इतना बड़ा अवैध तस्करी का धंधा जोरों पर चल रहा है वहीं विपक्ष के नेता भी मौन हैं क्या सत्तापक्ष और विपक्ष इन सब नेताओं को जानकारी नहीं है या मालूम है तो तस्करों को संरक्षण दे रहे हैं। गौ तस्करी का अवैध धंधा पूरे जिले में चरम सीमा पर है, इतना बड़ा काला कारोबार बिना जिम्मेदार प्रशासन से मिलीभगत कर एवं बड़े राजनेताओं के संरक्षण के बिना संभव ही नहीं है। एक ओर सत्तापक्ष की सरकार हिंदुत्व के मुद्दे पर बात करती है और गौ रक्षा करने की बात करती है तो फिर जिले प्रदेश में गौ तस्करी का अवैध धंधा कैसे चल रहा है? सरकार चाहे तो एक दिन में गौ तस्करी का अवैध काम बंद करा सकती है फिर भी क्यों नहीं हो रहा है ऐसा? सिर्फ क्या चुनावी माहौल की सरगर्मियां तेज करने के लिए रखते हैं इन मुद्दों को।
लालबर्रा के अतरी व घोटी के बीच नहर के पास से मवेशियों को रस्सी के गाथा से ठसाठस बांधकर क्रूरता पूर्वक निर्दयता पूर्वक मारते पीटते हुए पैदल हांकते हुए गौ तस्कर कर रहा था अवैध गौ तस्करी। बजरंग दल, विहिप व पुलिस ने हांकने वाले एक व्यक्ति व मवेशियों को जप्त किया।  प्राप्त जानकारी के अनुसार 10 अप्रेल रात्रि 11:30 बजे अतरी व घोटी के बीच नहर के तरफ से मवेशियों को क्रूरता पूर्वक निर्दयता पूर्वक ठसा ठस रस्सों के गाथो से बांधकर रात्रि में व अंधेरे का फायदा उठाकर मवेशियों को खदेड़ते हुए जाते समय पकड़ा गया, जिन्हें मोबाईल टार्च के उजाले से देखा गया तो 23 नग मवेशियों को जबरदस्ती मारते पीटते रस्सीयों के गाथे में बंधे थे, जिन्हें रोककर व मौके पर पुलिस को भी बुलाया गया जिनके द्वारा भी पूछने पर आरोपी ने अपना नाम अजय कुमार पिता किशनलाल राहंगडाले आयु 38 वर्ष निवासी ग्राम बघोली थाना लालबर्रा जिला बालाघाट का रहने वाला बताया तथा मवेशियों को कत्लखाना महाराष्ट्र लेकर जाना बताया। अपने मालिक का नाम नहीं बताया और जानवर किसके हैं यह भी नहीं बताया। खरीदी बिक्री की रसीद पूछा गया जो उसके द्वारा कोई रसीद दस्तावेज संतोषप्रद जवाब नहीं देने पर बजरंग दल, विहिप के कार्यकर्ताओं व पुलिस के सहयोग से उसे व सभी मवेशियों को थाना लाया गया, थाना में मवेशियों को देखे, जहां 23 नग मवेशियों में से 15 नग बैलों का हुलिया का रंग सफेद जिनके सिंग खड़े एवं बाजू से मुड़े हुए हैं पूछ काली, 6 नग मवेशियों का हुलिया लाल सफेद भूरा रंग जिनके सिंग खड़े एवं पीछे मुड़े हुए हैं एवं 2 नग काले रंग के दिखते हैं जिनके सिंग खड़े हैं पूछ काली। अजय कुमार राहंगडाले द्वारा मवेशियों को क्रूरता पूर्वक निर्दयता पूर्वक रस्सी के गाथे से बांधकर पतली झड़ी से क्रूरता पूर्वक मारते पीटते हुए कत्लखाना महाराष्ट्र लेकर जाते समय रंगे हाथ पकड़ा गया। प्रार्थी बजरंग दल, विहिप के पदाधिकारी कार्यकर्ताओं की रिपोर्ट पर लालबर्रा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज करते हुए प्रथम दृष्टया अपराध धारा 4, 6 ,9 मध्यप्रदेश गौ वंश प्रतिषेध अधिनियम 11 पशु क्रूरता निवारण अधिनियम का घटित करना पाए जाने से आरोपी के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। जहां बजरंग दल और विहिप के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं द्वारा गौ तस्करी करने वाले के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया तो वहीं, सफेद जानवरों का अवैध काला कारोबार करने वाले गौ तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों व बैल बाजार के ठेकेदार ने बजरंग दल व विहिप के पदाधिकारियों कार्यकर्ताओं को झूठे मामले में नसाने की धमकी दी है तो वहीं, बजरंग दल व विहिप के पदाधिकारियों ने बताया कि इससे गौ रक्षकों द्वारा गौ तस्करों पर अब और तेजी से गौ रक्षा अभियान चलाया जाएगा। पुलिस द्वारा मवेशी हांकने वाले पर प्रकरण दर्ज किया जाता है, जिनके मवेशी हैं जो मालिक है जो मुख्य तस्कर है उनके खिलाफ  कभी भी प्रकरण दर्ज नहीं किया जाता, उन्हें संरक्षण दिया जाता है।
उक्त घटित हो रहे गौ तस्करी के अवैध व्यापार के संबंध में जिले के पुलिस कप्तान समीर सौरभ से चर्चा करनी चाही गई तो उन्होंने दो बार रिंग जाने के बाद भी फोन रिसीव करना उचित नहीं समझा बहरहाल उनका पक्ष ज्ञात ना हो सका।