कटंगी। कटंगी से बोनकट्टा मुख्य सड़क मार्ग पर भालवा नाला के नजदीक बुधवार की सुबह करीब सवा 10 बजे एक भीषण सड़क हादसा हुआ है. यहां पर यात्री बस में एक स्कूटी वाहन पीछे से जा घुसा। जिससे स्कूटी में सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हुए है। जिसमें एक युवक का पैर टूट गया जबकि दुसरे युवक के सिर पर काफी गंभीर चोट आई है जिसे कटंगी अस्पताल में प्राथमिक उपचार देने के बाद बालाघाट रेफर किया गया। मिली जानकारी अनुसार चिकमारा निवासी नीरज वासनिक और खजरी निवासी खिलेन्द्र तुरकर स्कूटी वाहन से कटंगी की तरफ आ रहे थे। वहीं इस दिशा में संजय ट्रेवल्स की यात्री बस क्रमांक एमपी 50 पी 0360 भी आ रही थी। जिसमें पीछे से जाकर स्कूटी घूस गई। हादसे का कोई भी प्रत्यक्षदर्शी नहीं होने के कारण सड़क दुर्घटना कैसे हुई इस बारे में स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस भी इस बारे में पता लगाने में जुटी हुई है। दुर्घटना के बाद बस चालक और परिचालक दोनों मौके से फरार हो गए। वहीं बस में सवार यात्री भी मौके पर नहीं दिखाई दिए। नीरज वासनिक की हालत बेहद नाजुक है जबकि खिलेन्द्र का पैर टूट गया है। घटना की सूचना मिलने पर कटंगी पुलिस मौके पर पहुंची जिसमें तत्काल गंभीर रूप से घायल युवक नीरज वासनिक को संजीवनी 108 से अस्पताल पहुंचाया। कटंगी अस्पताल में चिकित्सक ने हालत देखते हुए तत्काल जिला अस्पताल बालाघाट रेफर कर दिया। पुलिस ने बस को अभिरक्षा में लेकर थाने ला लिया है। वहीं चालक और परिचालक की तलाश कर रही है।
यात्री बसों ने जगह-जगह बनाया अस्थाई स्टैंड-
     भालवा नाला के नजदीक सड़क हादसे ने एक बड़े सवाल को जन्म दिया है। यह सवाल वैसे तो काफी लंबे समय से चला आ रहा है लेकिन इस पर पुलिस विभाग और यातायात विभाग का बिल्कुल भी ध्यान नही है। सवाल है यात्री बसों के द्वारा जगह-जगह यात्री बसों को खड़े किए जाने का। वैसे तो यात्री बसों को खड़ा करने का एक निर्धारित स्थान तय होता है लेकिन कटंगी से सिवनी, बालाघाट, जबलपुर और नागपुर की तरफ चलने वाली सभी यात्री बसें बस स्टेण्ड से निकलने के बाद कहीं भी अचानक से ब्रेक लगाकर यात्रियों के लिए खड़ी हो जाती है। जिससे हादसों का डर बना रहता है। अगर कोई यात्री बस बोनकट्टा की तरफ जाने के लिए बस स्टेण्ड से निकलती है तो अर्जुननाला पहुंचते तक करीब 10 बार जगह-जगह स्टॉप करती है। बस चालक अपने मन मुताबिक बसों को रोक कर यात्रियों को बसों में बिठाते है जबकि नियमानुसार संचालकों को केवल स्टॉपेज की जगह पर ही बस रोकना चाहिए लेकिन ऐसा ना कर जहां मन किया या जहां यात्री ने बस को रोकने का इशारा किया वहां बस को ब्रेक लगा दिया जाता है।