परसवाड़ा जनपद के ग्राम लीलामेटा में बनाए जा रहे पुलिया निर्माण का मामला

बालाघाट। जनपद परसवाड़ा की ग्राम पंचायत लीलामेटा में पुलिया निर्माण कार्य किया जा रहा है। इस निर्माण कार्य में ग्रामीणों ने निम्न स्तर की सामग्री का उपयोग करने के आरोप लगाए हैं, वहीं मापदंड अनुरूप पुलिया का बेस तैयार नहीं करवाए जाने की बात भी ग्रामीण कह रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खोखली बुनियाद पर 15 लाख के पुलिया का निर्माण किया जा रहा है। ऐसे में कुछ समय में ही पुलिया दम तोड़ देगा, जिसका हर्जाना ग्रामीणों को भुगतना पड़ेगा। गुरूवार को मौका स्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों ने निर्माण कार्य पर आपत्ति भी दर्ज की, वहीं पुन: गुणवत्ता युक्त सामग्री से निर्माण कार्य करवाए जाने की मांग की।
मापदंड के अनुरूप नहीं कार्य
शिकायतकर्ता ग्रामीण ओमेंद्र पटले, रोहित वलके, रोमेंद्र तेकाम, नंदकिशोर पटले, शैलेंद्र वलके, गणेश वलके, मिथिलेश वलके सहित अन्य ने बताया कि लीलामेटा ग्राम में तीन पुलिया स्वीकृत किए गए थे। इनमें दो के निर्माण कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। वर्तमान में ककई टोला से खमरियां रोड पर पुलिया निर्माण कार्य ग्राम पंचायत एजेंसी के माध्यम से कराया जा रहा है। निर्माण कार्य में मापदंडो का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। पुलिया का बेस भी चार इंच से कम का बनाया गया है। इसी तरह वैनगंगा की रेत इस्तेमाल न करते हुए समीप ही नाले से मिट्टी युक्त रेत का उपयोग किया जा रहा है। सीमेंट भी सस्ते मूल्य की उपयोग में लाई जा रही है, सही तरह से मसाला तैयार नहीं होने के कारण कमजोर बेस बनाया गया है।
मौके पर नहीं साइन बोर्ड
ग्रामीणों के अनुसार हर सरकारी निर्माण कार्य के पूर्व मौके पर साइन बोर्ड लगाना आवश्यक होता है। इस बोर्ड में निर्माण लागत, निर्माण प्रारंभ व समाप्ति की तिथि के अलावा किस मद व योजना से निर्माण किया जा रहा है, एजेंसी कौन है यह सब दर्शाना होता है। लेकिन पुलिया निर्माण कार्य में इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा है। जब ग्राम पंचायत ही सरकारी नियमों का पालन नहीं करेगी तो किसी से और क्या उम्मींद की जा सकती है।
रिश्तेदारों से कराया जा रहा काम
ग्रामीणों ने बताया कि भले ही निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत है, लेकिन उन्होंने जानकारी पता कि तो सामने आया कि गांव के उपसरपंच ने अपने गर्रा वारासिवनी के रिश्तेदार को काम का ठेका दे दिया है। इसके बाद पंचायत कोई ध्यान नहीं दे रही है। ऐसे में ठेकेदार अपनी मनमर्जी से निम्न स्तर का निर्माण कार्य करवा रहा है। मौके पर जनपद स्तर से कोई इंजीनियर भी मुआयना करने नहीं पहुंच रहे हैं। इस कारण सबकुछ अपने मनमुताबिक कार्य किया जा रहा है।
जांच व कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने पूरे मामले को लेकर सीएम हेल्पलाइन नंबर 181 में शिकायत की है। शिकायत क्रमांक  24690954 है, लेकिन किसी भी तरह से जांच अब तक शुरू नहीं हो पाई है। ग्रामीणों ने समय रहते निर्माण सामग्री और पुलिया के बेस की जांच करने की मांग की है, ताकि निम्न स्तर का पुलिया का निर्माण कार्य गुणवत्ता पूर्ण करवाया जा सकें।
इनका कहना है
निर्माण सामग्री देखकर ही उसकी गुणवत्ता का अंदाजा लगाया जा सकता है। लेकिन एक भी जिम्मेदार यहां निगरानी व जांच करने नहीं पहुंचते है। ऐसे में ठेकेदार मनमानी कर घटिया सामग्री का उपयोग कर रहा है।
नंदकिशोर पटले, ग्रामीण

जब बेस ही मजबूत नहीं होगा तो पुलिया कितने दिन चल पाएगा यह समझा जा सकता है। हमारी अधिकारियों से मांग है कि वे स्वयं यहां आकर देखे और स्टीमेट के हिसाब से काम हो रहा है या नहीं इसका मिलान करे।
ओमेन्द्र पटले, लीलामेटा

निर्माण कार्य का ठेका नहीं दिया गया है बल्कि पंचायत स्वयं कार्य करवा रही है। थोड़ा बहुत 19-20 हो सकता है। लेकिन गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। रेत का कलर मटमैला होने से ग्रामीणों को ऐसा लग रहा है, लेकिन सभी सामग्री अच्छी क्वालिटी की उपयोग में ली जा रही है।
बुधराम टेकाम, सरपंच लीलामेटा