कटंगी। प्रशासन ने 1 दिसंबर से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी शुरू कर दी है लेकिन मौसम की बेरुखी के चलते किसानों के द्वारा अपनी उपज को उपार्जन केन्द्रों तक नहीं पहुंचाया गया। वहीं उपार्जन केंद्र अधिकारी और कर्मचारी भी कई समस्याओं के चलते समय पर धान खरीदी शुरू नहीं कर पाए। बीते दिनों कटंगी में एसडीएम ने बैठक लेकर खरीदी केन्द्र प्रभारियों को आवश्यक जानकारी दी जिसके बाद अब जैसे-तैसे धान खरीदी शुरू हुई है तो कई तरह की समस्याएं सामने आ रही है। ताजा मामला सहकारी केंद्रीय बैंक कटंगी के अधीन संचालित सहकारी समिति अतरी सावंगी के नंदलेसरा उपार्जन केंद्र से सामने आया है जहां पर सर्वेयर और किसानों के बीच मंगलवार की शाम जमकर कहासुनी हुई है।
दरअसल सर्वेयर ने किसानों से नमी वाली धान खरीदी करने से साफ इनकार कर दिया है। वहीं किसानों ने सर्वेयर आरोप लगाया कि सर्वेयर जानबूझकर ऐसा कर रहा है। गौरतलब हो कि समर्थन मूल्य पर एफएक्यू क्वालिटी का धान ही खरीदा जाता है।
अभी किसानों के द्वारा जब उपार्जन केंद्रों में धान पहुंचाई जा रही है तो उसमें नमी बनी हुई है जिस वजह से सर्वेयर धान रिजेक्ट कर रहा है किसानों का कहना है कि अभी धूप निकल नहीं रही है और घर में धान का भंडारण करने के लिए जगह नहीं है। ऐसे में वह अपनी उपज को कहां रखें किसानों ने बताया कि धान में नमी होने के कारण वह 40 किलो 800 ग्राम की जगह 41 किलो 200 ग्राम धान देने के लिए तैयार है अगर अभी धान में नमी है तो धान सूखने के बाद यह तय मापदंड में आ जाएगा लेकिन सर्वेयर इस बात से संतुष्ट नहीं है हालांकि मंगलवार को जब किसानों ने सर्वेयर का विरोध शुरू किया तो सर्वेयर धान उपार्जन केंद्र से रफूचक्कर हो गया बताना जरूरी है कि यह वही सर्वेयर है जिसके द्वारा गत वर्ष किसानों से धान पास करने की एवज में अवैध तरीके से रुपयों की मांग की जा रही थी।
मंगलवार को यहां करीब 25 से अधिक किसानों ने धान की फसल बेचने के लिए उपार्जन केन्द्र में लाया लेकिन अधिकांश किसानों की धान में नमी होने के कारण सर्वेयर ने धान रिजेक्ट कर दी और केवल 04 किसानों का ही धान खरीदा गया बाकी किसानों को धान उपार्जन केंद्र में रखा हुआ है। अब किसानों को रतजगा कर अपनी उपज की रखवाली करनी पड़ेगी। इसमें एक समस्या यह भी आ सकती है कि चूकिं मौसम साफ होने के बाद लगातार ओस गिर रही है और अगर धान खुले आसमान के नीचे इस तरह से बिखरा रहा तो इसमें और अधिक नमी आएगी और किसानों का धान फिर रिजेक्ट हो जाएगा फिलहाल तो किसान अपनी उपज को ओस से बचाने के लिए तिरपाल का सहारा लेकर उसमें नमी आने से बचाने की कोशिश में है।